दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए? जाने लाभ और महत्व

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दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए? इस प्रश्न का सही जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलने वाली है.आप सभी जानते हैं कि दुर्गा चालीसा में कुल 40 श्लोक दिए गए हैं जो माता दुर्गा को समर्पित है.इसलिए भक्त नवरात्रि के महीना में माता दुर्गा के पूजन करते समय दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं जिससे माता प्रसन्न होकर उनके सभी कासन को दूर कर देती है. अब सवाल यह है कि दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए,जिससे माता प्रसन्न हो जाए तो इसकी सही जानकारी आगे बताई गई है.

दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

दुर्गा चालीसा को एक दिन में कई बार पढ़ा जा सकता है,क्योंकि हिंदू धार्मिक स्रोतों में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है,की दुर्गा चालीसा दिन में कितनी बार पढ़नी चाहिए.परंतु सबसे जरूरी बात यह है की दुर्गा चालीसा कब,कैसेऔर किस प्रकार से पढ़ना चाहिए जिससे अधिक से अधिक लाभ की प्राप्ति हो.इस बात को ध्यान में रखना होता है.

ज्योति शास्त्रों के अनुसारदुर्गा चालीसा दिन में काम से कम एक बार नियमित रूप से पढ़ने पर माता दुर्गे की महिमा की प्राप्ति होती है .परंतु नवरात्रि के दिनों में9 दिनों तक दुर्गा चालीसा का नियमित पाठ करने से मनुष्य के जीवन में सुख शांतिऔर धन की प्राप्ति होती है. अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती 

दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए

ऐसी मान्यता है कि माता दुर्गा के पूजन करते समय दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए तथा इसके बाद मां जगदंबे की आरती करके प्रसाद वितरण करने सेअधिक लाभ की प्राप्ति होती है.दुर्गा चालीसा में माता दुर्गा के नौ रूपों का व्याख्या किया गया है जिसमें मां दुर्गे को ममतामई तथा दुखियों के कष्ट हरने वाले जगत जननी के नाम से उच्चारण किया गया है. 

सनातन धार्मिक ग्रंथो में दुर्गा चालीसा का पाठ करने का एक सही समय बताया गया है जिससे भक्त कोअधिक लाभ की प्राप्ति होती है.अतःदुर्गा चालीसा का पाठ कब करना चाहिए इसकी जानकारी आगे दी गई है.

दुर्गा चालीसा के पाठ करने का सही समय

मनुष्य अपने जीवन को सुखी और संपन्न बनाने के लिए दुर्गा चालीसा पाठ करता है.दुर्गा चालीसा में जो श्लोक दिए गए हैं,ऐसी मान्यता है कि इसका उच्चारण सही समय और सही अवसरों पर करने परमाता दुर्गा उस व्यक्ति के सभी दुखों को दूर कर देती है.इसलिए दुर्गा चालीसा का पाठ सही समय और सही अवसरों पर करना चाहिए जिससे अधिक लाभ की प्राप्ति होती है.अतः दुर्गा चालीसा के पाठ का सही समय और अवसर निम्न है. माँ दुर्गा के 108 नाम 

दुर्गा चालीसा के पाठ करने का सही समय

  • दुर्गा चालीसा का पाठ कोई भी भक्त प्रतिदिन कर सकता हैक्योंकि ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति दुर्गा चालीसा का नियमित रूप से पाठ करता है.उसके मन को शांति और उसकी हृदय में एक ज्योति पुंज प्रज्वलित होता है,जिससे उसके मन के सभी नकारात्मक विचार समाप्त हो जाते हैंतथा वह अपने जीवन में एक सही लक्ष्य तक पहुंच पाता है.
  • देवी दुर्गा के आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे सरल माध्यम दुर्गा चालीसा है.दुर्गा चालीसा का उच्चारण नवरात्रि, दुर्गा पूजा, और दुर्गा जयंती जैसे विशेष अवसर पर करने से मां जगदंबे प्रसन्न होकर भक्ति के सभी कष्ट को हर लेती है.भारत में सबसे अधिक दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में धूम धाम से मनाया जाता हैतथा गुजरात में नवरात्रि के डांडिया का प्रचलन होता है जिसमें लोग भक्ति भाव से मां दुर्गा की पूजा करते हैं.अतःदुर्गा चालीसा का उच्चारण विशेष अवसरों पर करने सेअधिक फलदाई होता है.

दुर्गा चालीसा का पाठ करने की सही विधि

माता दुर्गाकी महिमा का बखान करने वाले ग्रंथ दुर्गा चालीसा का पाठ सही से करना चाहिए,क्योंकि गलत तरीके से पाठ करने पर लाभ के बजाय हानि मिलती है.अतः इसलिए दुर्गा चालीसा का पाठ करने का सही तरीका नीचे कई स्टेप में बताया गया है.

दुर्गा चालीसा का पाठ करने की सही विधि

  • सूर्य निकलने से पहले उठना चाहिए तत्पश्चात स्नान करके साफ सुथरे वस्त्र पहनकर पहनना चाहिए
  • माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए लकड़ी की एक चौकी के ऊपर लाल रंग का एक कपड़ा फैला कर उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर चाहिए.
  • इसके बाद,दीपक,धूप,अगरबत्ती,फूल,लवंग,तथा एक लोटे में जल रखकर प्रतिमा के सामने बैठना चाहिए.
  • प्रतिमा के सामने दीप जलाकरऔर मां दुर्गा के प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर पूजा अर्चना करना चाहिए.
  • अब दुर्गा चालीसा का पाठ पढ़ना चाहिए.
  • अंत में मां दुर्गा को आरती दिखाते समय अंबे तू है जगदंबे काली आरती का उच्चारण करना चाहिए तथा इसके बाद मां दुर्गा से आशीर्वाद लेकर आस पास के लोगों में प्रसाद का वितरण कर देना चाहिए.

अतः इस प्रकार मां दुर्गा की चालीसा का पाठ को ध्यान में रखते हुए माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए जिससे आपके सभी कष्ट दूर हो सकते हैं. 

दुर्गा चालीसा पढ़ने के लाभ 

निष्कर्ष

निष्कर्ष यह है कि दुर्गा चालीसा का पाठ कितनी बार करनी चाहिए? इसका सही जवाब यह है कि यदि आप मां दुर्गा के प्रति प्रेम और भक्ति का भाव रखते हैं तो कम से कम प्रतिदिन आपको एक बार सुबह या शाम को दुर्गा चालीसा का उच्चारण करना चाहिए.

दुर्गा चालीसा का उच्चारण विशेष रूप से नवरात्रि,दुर्गा पूजा तथा दुर्गा जयंती के अवसरों पर करने से अधिक से अधिक लाभ की प्राप्ति होती है. परंतु इन अवसरों के अलावा भी आप कभी भी दुर्गा चालीसा का उच्चारण किया जा सकता है.जिसके लिए सही समयऔर नियम को ऊपर बताया गया है.जिसको आप पढ़कर अधिक लाभ की प्राप्ति कर सकते हैं

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