भगवान विष्णु के 16 चमत्कारी नाम जिससे अद्भुत लाभ [Vishnu Chalisa]

भगवान विष्णु (Vishnu Chalisa) को इस पूरे संसार का पालनहार कहा जाता है जिनके 10 अवतारों की चर्चा पुराणों में की गई है  जिन में बताया गया है कि भगवान विष्णु के 9 अवतार हो गए हैं अभी उनका अंतिम अवतार होना बाकी है जिसे कल्कि अवतार के नाम से जानते हैं | भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के एक नहीं अनेक नाम है, उन नामों में सबसे प्रमुख नाम 16 है जिसका उच्चारण अलग-अलग समय पर करने से बहुत अधिक लाभ मिलते हैं |

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इस लेख में भगवान विष्णु के 16 नाम और उसका उच्चारण  कब और कैसे करने से  अधिक लाभ मिल सकते हैं कि बारे में जानेंगे | अतः आप इस लेख के साथ  अंत तक बने रहे |

भगवान विष्णु के 16 चमत्कारी नाम जिसके अद्भुत लाभ

भगवान विष्णु  की उत्पत्ति के बारे में शिव पुराण में भी वर्णन किया गया है जिसमें भगवान विष्णु की उत्पत्ति को लेकर बताया गया है कि एक बार जो भगवान शिव अपने टखने पर अमृत मान रहे थे तब उससे भगवान विष्णु के उत्पन्न हुए थे परंतु विष्णु पुराण में यह बताया गया है कि भगवान विष्णु के माथे के ताज से शंकर भगवान और ब्रह्मा जी भगवान विष्णु के नाभि कमल से उत्पन्न हुए हैं ऐसी मान्यता है.

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सनातन धर्म  के मान्यता के आधार पर ब्रह्मा, विष्णु, महेश (Lord Shiva) को त्रिदेव के नाम से जानते हैं जिनमें  विष्णु भगवान को इस जगत के पालनहार कहा जाता है जिन्होंने इस सृष्टि को अधर्म और पाप से मुक्ति दिलाने के लिए 9 अवतार ले चुके हैं और इनका अंतिम अवतार दसवां अवतार बाकी है कल्कि अवतार नाम दिया गया है.

भगवान विष्णु के नाम की चर्चा इनकी भक्तगण अलग-अलग नामों से करते हैं जिनमें 16 ऐसे नाम हैं जिनके उच्चारण करने से सबसे अधिक लाभ मिलते हैं और इसके साथ लोग विष्णु चालीसा (Shri Vishnu Chalisa) का पाठ करते हैं. तो चलिए हम उन नामों का वितरण पढ़ते हैं.

  1. विष्णु
  2. जनार्दन
  3. पद्मनाभ
  4. प्रजापति
  5. चक्रधर 
  6. त्रिविक्रम 
  7. नारायण 
  8. गोविंद 
  9. श्रीधर  
  10. मधुसूदन
  11. नृसिंह 
  12. जलाशयी 
  13. वाराह 
  14. रघुनंदन
  15. माधव 
  16. वामन  

विष्णु जी के नामों का उच्चारण कब करे

विष्णु भगवान का रंग सांवला है जिस श्याम वर्ण या कृष्ण वर्ण के नाम से ही जानते हैं. जिनकी चार हाथ होने के कारण इन्हें चतुर्भुज धारी भी कहते हैं. जिनका वाहन जरूड़ है, जो अपने हाथों में शंख,गदा,चक्र और पदम धारण करते है.कहा जाता है कि भगवान विष्णु चतुर्थ मास में निद्रा अवस्था में 4  महीने के लिए चले जाते हैं और उस समय जो कोई भक्त विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa ) का पाठ के साथ  भगवान विष्णु के इन 16 नामों  का उच्चारण ध्यान पूर्वक करता है तो उसे  बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है. 

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विष्णु भगवान के नामों का सही समय पर उच्चारण करने का तरीका नीचे बताया गया है जिसके लिए पुराणों में इनके नामों के उच्चारण के लिए श्लोक भी दिए गए है.

विष्णु नाम का उच्चारण कब करे

विष्णु भक्तों की ऐसी आशा है कि जब हम किसी प्रकार की दवाई का सेवन करें तो उसने हमें भगवान विष्णु के विष्णु नामों का जाप करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से हमारे रोग कष्ट भगवान विष्णु की द्वारा दूर कर दिए जाते हैं.

जनार्दन नाम का उच्चारण कब करे

यदि आप एक विष्णु भक्त हैं तो आप को भोजन कर देते हैं भगवान विष्णु के उन नामों की जाप करनी चाहिए जिससे आपकी आत्मा को संतुष्टि मिले उन नामों में “जनार्दन”  नाम का उच्चारण करना चाहिए.

पद्मनाभ नाम का उच्चारण कब करे

भक्त भगवान विष्णु के “ पदमनाभम” नाम का उच्चारण सोते वक्त कर सकते हैं जिससे आपको अच्छी नींद की प्राप्ति होती है तथा आपके मन में किसी भी तरह के बुरे सपने नहीं आते हैं. यदि आपको बुरे सपने ज्यादा आते हैं तो आप विष्णु चालीसा का पाठ भी भगवान विष्णु की प्रतिमा के समक्ष कर सकते हैं जिसके लिए आप इसे  पढ़ें. Vishnu Chalisa Ka Path

प्रजापति नाम का उच्चारण कब करे

शादी विवाह के समय भगवान विष्णु के “प्रजापति” नाम का उच्चारण करना चाहिए क्योंकि ऐसी भक्तों की मान्यता है कि विवाह के समय प्रजापति नाम का उच्चारण करने से है पति पत्नी के संबंध पूरे जीवन अच्छे से चलते हैं क्योंकि उनके रक्षक स्वयं भगवान विष्णु हो जाते हैं.

चक्रधर नाम का उच्चारण कब करे

युद्ध के समय भगवान विष्णु के सबसे फलदाई नाम “चक्रधार” का उच्चारण करने से कोई भी योद्धा युद्ध में जीत सकता है क्योंकि भगवान विष्णु की चक्र उसके विरोधियों का संघार करता है और उसके कोई भी हथियार विष्णु भक्त को हानि नहीं पहुंचा सकता है.

त्रिविक्रम नाम का उच्चारण कब करे

वामन अवतार फोटो

जब आप किसी यात्रा पर हो तो आप सबकी इच्छा होती है कि आपका यात्रा मंगलमय हो,आपको किसी तरह के कष्ट ना हो इसके लिए यदि आप भगवान में विश्वास करते हैं, तो भगवान विष्णु की त्रिविक्रम नाम का जाप करने से आपकी यात्रा मंगलमय हो गई तथा इस में उत्पन्न होने वाले किसी भी तरह की बाधा को भगवान विष्णु नष्ट कर देंगे.

नारायण नाम का उच्चारण कब करे

इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले सभी जीवो का शरीर एक समय के बाद नष्ट हो जाता है जिसके कर्मों के आधार पर उसे  स्वर्ग एवं नरक में स्थान मिलते हैं. विष्णु पुराण के अनुसार,यदि मृत्यु के समय भगवान विष्णु के “नारायण” नाम का जाप किया जाए तो मानव शरीर से मुक्ति मिल जाती है तथा उसे अंत रूप से  बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है.

श्रीधर नाम का उच्चारण कब करे

पति पत्नी का रिश्ता एक अटूट रिश्ता होता है जिसे जन्म जन्मांतर तक प्रेम भाव से चलाने के लिए कोई भी दंपति भगवान विष्णु के श्रीधर नाम का जाप कर सकता है जिससे उनकी युगल जोड़ी लंबे समय तक बिना किसी बाधा का सुख में जीवन के साथ व्यतीत होते हैं.

गोविंद नाम का उच्चारण कब करे

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अक्सर जब हम कहीं बाहर घूमने जाते हैं. तत्पश्चात जब हम सोते हैं तो हमें रात्रि में या दिन में बुरे सपने आते हैं, जिससे कि हम डर जाते हैं यदि आप भी इन कारणों से परेशान हैं तो ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, यदि भगवान विष्णु के गोविंद नाम का जाप किया जाए तो उसके सारे बुरे सपने आने बंद हो जाते हैं और वह व्यक्ति बिना किसी बुरे सपने का अपनी नींद को पूरा कर सकता है.

मधुसूदन नाम का उच्चारण कब करे

मकसूदन भगवान विष्णु को कहा जाता है जिनके नाम महाभारत युद्ध के समय बार-बार  पांडवों के द्वारा इस नाम का उच्चारण किया जा रहा था. क्योंकि ऐसी मान्यता है कि कोई भी व्यक्ति जो संकट की स्थिति में हो यदि बाय भगवान विष्णु के मकसूदन नाम का जाप करता है उसके सारे कष्ट भगवान विष्णु स्वयं हर लेते हैं.

नृसिंह नाम का उच्चारण कब करे

यदि कोई व्यक्ति जंगल में गया है और उसे लगता है कि उस जंगल में उसके ऊपर काफी संकट आने वाले हैं  तो उन संकटों से बचने हेतु  विष्णु चालीसा के अनुसार उस व्यक्ति को नृसिंह नाम का उच्चारण करना चाहिए जो  विष्णु भगवान का एक नाम है जिसके उच्चारण मात्र से बिगड़े काम ही बन जाते हैं.

जलाशयी नाम का उच्चारण कब करे

कल्कि अवतार

यदि आपके ऊपर किसी भी प्रकार के अग्नि संकट आ जाए उसमें भगवान विष्णु के जलाशयी नाम का उच्चारण करना चाहिए जिससे सभी कष्ट विष्णु जी हर लेते है. यदि कोई भी व्यक्ति अपने घरों में विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa) का पाठ करता है वह सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है.

वाराह नाम का उच्चारण कब करे

भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से उनका  वराह (varaha avatar) अवतार काफी लाभदायक है क्योंकि यदि किसी के ऊपर जल का संकट आ जाए चाहे वह डूबने वाला हो या पानी में रहने वाला हो तो उसने उस व्यक्ति को अपने आप को भगवान विष्णु को समर्पित कर देना चाहिए और उसके लिए  वराह नाम का जाप करना चाहिए.

रघुनंदन नाम का उच्चारण कब करे

विष्णु जी को रघुनंदन नाम से भी पुकारा जाता है उनका यह नाम उस समय सबसे अधिक लाभकारी होता है जब कोई व्यक्ति पहाड़ी इलाकों में कष्टों से घिर जाता है तो उसे सृष्टि के पालनहार का ध्यान करना चाहिए और उनकी रघुनंदन नाम का उच्चारण करना चाहिए. यदि आप विष्णु चालीसा के पाठ (vishnu chalisa path) करना चाहते हैं और उसके लाभ नहीं जानते है तो यहां पर पढ़ें – Click करे 

वामन नाम का उच्चारण कब करे

वामन अवतार भगवान विष्णु के अवतार हैं जो महाबली सिर्फ तीन पग भूमि मांगने हेतु विष्णु जी वामन रूप पकड़कर पृथ्वी पर अवतरित हुए थे और उन्होंने महाबली से तीन पग भूमि मांग लिया था जो प्रहलाद के वंशज थे.  विष्णु धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान के वामन रूप का ध्यान करने से अद्भुत लाभ मिलते हैं. इसका उच्चारण यात्रा करते समय करने से अधिक लाभ मिलते हैं. 

माधव नाम का उच्चारण कब करे

माधव, भगवान विष्णु के नामों में सबसे प्रचलित है  जिसका उच्चारण ऊपर दिए गए कार्य को छोड़कर  शीशे सभी कार्यों के समय आप विष्णु जी के इस नाम का उच्चारण कर सकते हैं, जिसके लिए कुछ भक्तों की इच्छा रहती है कि भगवान विष्णु के नाम का उच्चारण संस्कृत श्लोक में करें, तो उनके लिए आगे भगवान विष्णु के नामों का संस्कृत उच्चारण दिया गया है, जिसका स्मरण करके भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकते हैं.

विष्णु नाम का संस्कृत उच्चारण

विष्णोषोडशनामस्तोत्रं
औषधे चिन्तयेद विष्णुं भोजने च जनार्दनं
शयने पद्मनाभं च विवाहे च प्रजापतिम
युद्धे चक्रधरं देवं प्रवासे च त्रिविक्रमं
नारायणं तनुत्यागे श्रीधरं प्रियसंगमे
दु:स्वप्ने स्मर गोविन्दं संकटे मधुसूदनम
कानने नारसिंहं च पावके जलशायिनम
जलमध्ये वराहं च पर्वते रघुनंदनम
गमने वामनं चैव सर्वकार्येषु माधवं
षोडश-एतानि नामानि प्रातरुत्थाय य: पठेत
सर्वपाप विनिर्मुक्तो विष्णुलोके महीयते
– इति विष्णु षोडशनाम स्तोत्रं सम्पूर्णं

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विष्णोरष्टनामस्तोत्रं
अच्युतं केशवं विष्णुं हरिम सत्यं जनार्दनं।
हंसं नारायणं चैव मेतन्नामाष्टकम पठेत्।
त्रिसंध्यम य: पठेनित्यं दारिद्र्यं तस्य नश्यति।
शत्रुशैन्यं क्षयं याति दुस्वप्न: सुखदो भवेत्।
गंगाया मरणं चैव दृढा भक्तिस्तु केशवे।
ब्रह्मा विद्या प्रबोधश्च तस्मान्नित्यं पठेन्नरः।
इति वामन पुराणे विष्णोर्नामाष्टकम सम्पूर्णं।

विष्णु चालीसा विडियो

निष्कर्ष

विष्णु चालीसा का पाठ (shree vishnu chalisa) करने वाले भक्तों को पता होता है कि भगवान विष्णु के नामों के उच्चारण करने से कितने अधिक लाभ मिल सकते हैं परंतु जिन भक्तों को भगवान विष्णु की महिमा के बारे में जानकारी नहीं है वह केवल भगवान विष्णु के इन 16 महत्वपूर्ण नामों का उच्चारण करके अपने कष्टों को दूर कर सकते हैं. विष्णु जी की 10 अवतारों में जो नाम उनको मिले हैं उन नामों को ऊपर दिया गया है जिसका उच्चारण करके आप आसानी से भगवान विष्णु की कृपा का पात्र बन सकते हैं और अपने कष्टों को दूर कर सकते हैं.

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फलदायी विष्णु भगवान के 10 चमत्कारी मंत्र