[Original] Ganesh Chalisa – गणेश चालीसा इन हिंदी

श्री गणेश चालीसा (Shri Ganesh Chalisa) हिंदू धर्म में एक प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथ पाठ है जिसमें श्री गणेश जी के महिमा और गुणों का बखान किया गया है | श्री गणेश चालीसा का पाठ गणेश चतुर्थी के दिन करने पर भगवान गणेश प्रसन्न होकर अपने भक्त पर अपनी दया और कृपा दिखाते हैं| गणेश भगवान के पिता भोलेनाथ और माता पार्वती हैं | ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य करने से पहले इनका पूजा पाठ करना शुभ माना जाता है क्योंकि भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है | का जिनके सर हाथी का है तथा धड़ मानव का है |

shree ganesh chalisaअतः यदि आप भगवान गणेश के प्रति भक्ति और प्रेम का भाव रखते हैं तो गणेश चालीसा का पाठ करके आप गणेश जी की महिमा और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति की जा सकती है | क्योंकि जो व्यक्ति शुद्ध मन और सच्चे हृदय से श्री गणेश चालीसा का पाठ प्रत्येक बुधवार के दिन करता है तो उसके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं | तथा उसके जीवन के सभी बढ़ाएं दूर हो जाती हैं | अतः आपके लिए गणेश चालीसा हिंदी भाषा में दिया गया है | यदि आप गणेश चालीसा का पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं |

Ganesh Chalisa – गणेश चालीसा इन हिंदी

भगवान गणेश देवों के देव महादेव और माता पार्वती के छोटे पुत्र है | गणेश चालीसा का पाठ करते समय गणेश जी के 12 नाम का उच्चारण करने से अधिक लाभ मिलता है | विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के12 नाम में से कुछ नाम सबसे प्रसिद्ध हैं | जैसे – सुमुख, एकदंत, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन आदि | श्री गणेश चालीसा अब आप यहां से पढ़ सकते हैं |

श्री गणेश चालीसा || Shri Ganesh Chalisa

!! दोहा !!

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

!! चौपाई !!

जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभः काजू॥
जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥
वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥
सुन्दर पीताम्बर तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥
धनि शिव सुवन षडानन भ्राता। गौरी लालन विश्व-विख्याता॥
ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे। मुषक वाहन सोहत द्वारे॥
कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी। अति शुची पावन मंगलकारी॥
एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा॥
अतिथि जानी के गौरी सुखारी। बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥
अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण यहि काला॥
गणनायक गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम रूप भगवाना॥
अस कही अन्तर्धान रूप हवै। पालना पर बालक स्वरूप हवै॥
बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना॥
सकल मगन, सुखमंगल गावहिं। नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥
शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं। सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥
लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आये शनि राजा॥
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक, देखन चाहत नाहीं॥
गिरिजा कछु मन भेद बढायो। उत्सव मोर, न शनि तुही भायो॥
कहत लगे शनि, मन सकुचाई। का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ। शनि सों बालक देखन कहयऊ॥
पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा। बालक सिर उड़ि गयो अकाशा॥
गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी। सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी॥
हाहाकार मच्यौ कैलाशा। शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा॥
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो। काटी चक्र सो गज सिर लाये॥
बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो॥
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे॥
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥
चले षडानन, भरमि भुलाई। रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई॥
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें। तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥
धनि गणेश कही शिव हिये हरषे। नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई। शेष सहसमुख सके न गाई॥
मैं मतिहीन मलीन दुखारी। करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी॥
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा। जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥
अब प्रभु दया दीना पर कीजै। अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥

!!दोहा!!

श्री गणेश यह चालीसा, पाठ करै कर ध्यान।
नित नव मंगल गृह बसै, लहे जगत सन्मान॥
सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश।
पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ती गणेश॥

Ganesh Chalisa - गणेश चालीसा इन हिंदी

श्री गणेश चालीसा पाठ के लाभ

  • गणेश चालीसा का पाठ करने से हमारे जीवन के सभीकार्य बिना किसी रुकावट के पूरे हो जाते हैं |
  • विद्या प्राप्ति हेतु विष्णु चालीसा का पाठ करना काफी शुभ माना जाता है, जिससे विद्यार्थी अपने जीवन में ऊर्जावान मन से विद्या को ग्रहण करता है | इन्हें पढ़े – गणेश चालीसा आरती
  • श्री गणेश चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति का सामाजिक जीवन मेंप्रतिष्ठा और मान मर्यादा में उन्नति होती है |
  • धन प्राप्ति हेतु दीपावली के शुभ अवसर पर माता लक्ष्मी के साथगणेश चालीसा का पाठ करना  शुभ माना जाता है |
  • विवाह के शुभ अवसरों पर किसी भी मांगलिक कार्य का शुरुआत श्री गणेश चालीसा के पाठ से शुरू होता है|
  • घर में पूजा पाठ करते समय भगवान गणेश की नाम का उच्चारण सबसे पहले किया जाता है |  जिससे पूजन कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे हो जाते हैं | इन्हें पढ़े – Shiv Chalisa in Hindi

निष्कर्ष

निष्कर्ष यह है कि गणेश चालीसा का उच्चारण करने से भगवान गणेश प्रसन्न होकरअपने भक्त को सभी सभी कष्टों  से मुक्ति दिलाते हैं | श्री गणेश चालीसा का पाठ करते समय भगवान गणेश के 12 प्रमुख नाम जैसे- गजानन,सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र का उल्लेख करना चाहिए | घर में किसी भी प्रकार का पूजन कार्य करने में भगवान गणेश जी का पूजन अवश्य करना चाहिए | 

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